▪ Wednesday, 30 September 2026 स्थान पहचान रहे हैं...
ब्रेकिंग न्यूज़ गणेश उत्सव पर कोरबा पुलिस का ऑपरेशन आघात, 10 दिन में 407 बदमाशों पर कार्रवाई · परिवहन विभाग की सक्रियता, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना , 10 वाहनों से वसूला गया 22,300 रुपए · कोरबा में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ब्लड डोनेशन वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना , रक्तदान को मिलेगा नया विस्तार, जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपलब्ध होगा सुरक्षित रक्त · शिवाय हॉस्पिटल कोरबा: 600 ग्राम का नन्हा योद्धा! 25 हफ्ते में जन्म, 90 दिन NICU में जिंदगी की जंग… अब 2 किलो का होकर घर जाने को तैयार · सक्ती पुलिस को मिली बड़ी सफलता, मोबाइल और नकदी चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार सभी ब्रेकिंग न्यूज़ देखें
न्यूज़

कोरबा का मानव-हाथी प्रबंधन मॉडलः तकनीक, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन से बन रही नई मिसाल

तकनीक बनी हाथी प्रबंधन की सबसे बड़ी ताकत,गजसंकेत ऐप और रियल टाइम अलर्ट से बढ़ी ग्रामीणों की सुरक्षा

कोरबा मॉडलः देश के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए प्रेरणा

कोरबा। छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला आज मानव-हाथी द्वंद प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है। जहां एक ओर हाथियों के प्राकृतिक आवास और विचरण मार्गों के संरक्षण पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आमजन की सुरक्षा, त्वरित राहत और आधुनिक तकनीक के माध्यम से मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और कटघोरा वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत के नेतृत्व में जिला प्रशासन और वन विभाग ने समन्वित प्रयासों का ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसकी सराहना प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी एक अनुकरणीय पहल के रूप में की जा सकती है।

कोरबा जिले का लेमरू हाथी रिजर्व लगभग 1 लाख 99 हजार 548 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें कटघोरा, कोरबा, धरमजयगढ़ और सरगुजा वनमंडलों के 11 वन परिक्षेत्र शामिल हैं। इस विशाल क्षेत्र में हाथियों के प्राकृतिक आवास, पारंपरिक विचरण मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान कर उनके संरक्षण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीआईएस आधारित योजना, डिजिटल मैपिंग और वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से हाथियों के कॉरिडोर की निगरानी की जा रही है, ताकि हाथियों का प्राकृतिक आवागमन सुरक्षित बना रहे और उनका रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख कम हो।

कोरबा मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग है। डीएफओ कुमार निशांत के नेतृत्व में कटघोरा वनमंडल में 24X7 हाथी नियंत्रण केंद्र, टोल-फ्री हेल्पलाइन, थर्मल ड्रोन, गजसंकेत मोबाइल ऐप, सीसीटीवी निगरानी तथा प्रशिक्षित हाथी मित्र दलों के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाथियों की वास्तविक समय की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाती है, जिससे लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब आंकड़ों में भी स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। सितंबर 2023 से जून 2026 तक गजसंकेत ऐप पर 1,097 हाथी मूवमेंट एंट्री दर्ज की गई हैं, जबकि इसी अवधि में 2,68,782 से अधिक अलर्ट हाथी प्रभावित गांवों के लोगों तक भेजे गए। यह दर्शाता है कि जिले में सूचना तंत्र पहले की तुलना में कहीं अधिक सशक्त और प्रभावी हुआ है।

मानव-हाथी संघर्ष से जुड़े आंकड़े भी सकारात्मक बदलाव की कहानी बयां करते हैं। प्रस्तुतीकरण के अनुसार वर्ष 2020-21 में जहां 9 जनहानि के मामले सामने आए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर केवल 3 रह गई है। इसी प्रकार वर्ष 2024-25 और 2025-26 में मानव घायल होने के मामले शून्य दर्ज किए गए हैं। यह उपलब्धि समय पर अलर्ट, सतत निगरानी, हाथी मित्र दलों की सक्रियता तथा प्रशासन और वन विभाग के बेहतर समन्वय का परिणाम है।

संपत्ति और फसल क्षति के मामलों में भी सुधार का रुझान देखने को मिला है। वर्ष 2020-21 में 513 मकानों को क्षति पहुंची थी, जबकि 2025-26 में यह संख्या घटकर 33 रह गई। फसल और संपत्ति नुकसान के ग्राफ भी लगातार सुधार की ओर संकेत करते हैं, जो यह दर्शाते हैं कि हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी मिलने और प्रभावी प्रबंधन के कारण नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सका है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में मानव-हाथी द्वंद को केवल नियंत्रण तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, हाथी मित्र दलों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई गई है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है। लोगों को हाथियों के व्यवहार, सुरक्षा उपायों और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी नियमित रूप से दी जा रही है।

वन विभाग ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। किसान वृक्ष मित्र योजना, लाख उत्पादन, दोना-पत्तल निर्माण, महुआ एवं कोदो प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, सिलाई कार्य और इको-टूरिज्म जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इससे वन संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है और वनों पर निर्भरता का स्वरूप अधिक टिकाऊ बन रहा है।

मानव-हाथी द्वंद से प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराना भी जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से जिले में ऑनलाइन मुआवजा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की पहल की जा रही है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जनहानि, पशुहानि, फसल क्षति और संपत्ति नुकसान के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन, आवेदन की ऑनलाइन ट्रैकिंग तथा समयबद्ध निराकरण संभव होगा। इससे प्रभावित लोगों को मुआवजा राशि पहले की तुलना में अधिक शीघ्र और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेगी।

कोरबा का यह मॉडल यह साबित करता है कि यदि प्रशासनिक दूरदर्शिता, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक योजना और जनसहभागिता का प्रभावी समन्वय हो, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी जटिल चुनौती का भी सफल समाधान संभव है। कलेक्टर और डीएफओ के नेतृत्व में विकसित यह मॉडल न केवल हाथियों के संरक्षण और आमजन की सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि संवेदनशील प्रशासन, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के बल पर विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। आने वाले समय में ऑनलाइन मुआवजा प्रणाली, डिजिटल निगरानी और तकनीक आधारित प्रबंधन इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा कोरबा को देश के अग्रणी मानव-हाथी प्रबंधन जिलों में स्थापित करेंगे।

In-content Rectangle Ad · 728x90
कोरबा का मानव-हाथी प्रबंधन मॉडलः तकनीक, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन से बन रही नई मिसाल
Video Ad · Pre-roll / Mid-roll Ready
B
Birju bala

MINAKSHI TIMES की संपादकीय टीम।

टिप्पणियाँ

Comments are disabled for this post.

More News

बालको में सुरक्षा संस्कृति को मिला नया बल, पांच वर्षों में 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रशिक्षण1 day ago गणेश उत्सव पर कोरबा पुलिस का ऑपरेशन आघात, 10 दिन में 407 बदमाशों पर कार्रवाई5 days ago थाना सिटी कोतवाली के नवीन भवन का लोकार्पण एवं ई-मालखाना का उद्घाटन5 days ago हसदेव-सर्वमंगला नदी घाट पर गूंजा स्वच्छता का संदेश, जनभागीदारी से चला सफाई अभियान5 days ago परिवहन विभाग की सक्रियता, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना , 10 वाहनों से वसूला गया 22,300 रुपए 5 days ago कोरबा में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ब्लड डोनेशन वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना , रक्तदान को मिलेगा नया विस्तार, जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपलब्ध होगा सुरक्षित रक्त1 week ago एल्युमिनियम, ऊर्जा को दूर-दूर तक पहुँचाने वाली धातु1 week ago शिवाय हॉस्पिटल कोरबा: 600 ग्राम का नन्हा योद्धा! 25 हफ्ते में जन्म, 90 दिन NICU में जिंदगी की जंग… अब 2 किलो का होकर घर जाने को तैयार1 week ago